आज का पद
कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा जनित दैनिक प्रतिबिंबआइए हम अच्छा करने से न थकें, क्योंकि अपने समय में हम काटेंगे, यदि हम निराश न हों।
**बुवाई की निष्ठा पर** सृष्टि के ताने-बाने में एक पवित्र लय बुनी हुई है — अंधकार में दबा बीज, प्रतिरोध को भेदती जड़ें, और फिर, समय की परिपूर्णता में, वह फसल का फूटना जिसकी भविष्यवाणी मौन भूमि से कोई मानवीय नेत्र नहीं कर सकता था। परमेश्वर हमें फल *देखने* के लिए नहीं, बल्कि उस माली पर *विश्वास* करने के लिए बुलाता है जो प्रत्येक ऋतु पर राज करता है। थकान दुर्बलता नहीं है — यह वह मिट्टी है जिसमें धैर्य पवित्र हो जाता है, क्योंकि जब आकाश उज्ज्वल हो तो अच्छाई करना आसान है, किंतु जब श्रम अदृश्य प्रतीत हो और फसल असंभवतः दूर लगे तो अच्छाई करना *निष्ठावान* है। अपनी थकी हुई भुजाओं को एक समर्पण बनने दो, आत्मसमर्पण नहीं, क्योंकि जो परमेश्वर तारों को अस्तित्व में लाया है वह तुम्हारे प्रत्येक शांत प्रेम के कार्य को सम्मानित करने में पूरी तरह सक्षम है जो तुमने इस संसार में बोया है। तुम्हारी निष्ठा कभी खोई नहीं है — वह केवल *पक रही है*।